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चाइना बना रहा दुनिया की सबसे घातक सेना

नई दिल्ली: अमेरिका के एक शीर्ष खुफिया एजेंसी पेंटागन ने कहा कि चीन हवा, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र में आधुनिक क्षमताओं के साथ तेजी से एक मजबूत घातक बल का निर्माण कर रहा है जिसकी मदद से वह क्षेत्र में और क्षेत्र से बाहर अपनी धाक जमा सकेगा। 

अमेरिका के एक वरिष्ठ रक्षा खुफिया विश्लेषक डैन टेलर ने पेंटागन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के कूटनीतिक उद्देश्यों में चीन को महान शक्ति का दर्जा दिलाना भी शामिल है। 
China-Army


इस मौके पर रक्षा विभाग ने कांग्रेस की ‘‘चीन, सैन्य शक्ति के युद्ध करने और जीतने के लिए बल का आधुनिकीकरण करना’’ रिपोर्ट जारी की। उन्होंने कहा कि चीन के नेताओं ने अपने दीर्घकालिक सैन्य आधुनिकीकरण कार्यक्रम को ‘‘महान शक्ति का दर्जा’’ हासिल करने के लिए अनिवार्य माना है। टेलर ने कहा कि निश्चित तौर पर चीन जमीन, वायु, समुद्र, अंतरिक्ष और सूचना क्षेत्र में क्षमताओं का विस्तार करने के साथ मजबूत घातक बल का निर्माण कर रहा है जिससे वह क्षेत्र में तथा उसके बाहर अपनी धाक जमा सकेगा। 

टेलर ने कहा कि पिछले दशक के दौरान अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती के खिलाफ अभियान से लेकर पूर्वी और दक्षिणी चीन सागरों में सेना की मौजूदगी बढ़ाने तक चीन ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का राष्ट्रीय ताकत दिखाने के एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की इच्छा दिखाई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में परमाणु शक्ति संतुलन, पावर प्रोजेक्शन, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम जैसे क्षेत्रों में आधुनिकीकरण पीएलए की बढ़ती क्षमताओं में अहम कारक साबित होंगे।
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