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दिवाली की पूर्व संध्या पर दिल्ली की हवा 10 साल में सबसे खराब, AQI 369 दर्ज

दिवाली की पूर्व संध्या पर दिल्ली की हवा 10 साल में सबसे खराब, AQI 369 दर्ज

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ने इस बार दिवाली से ठीक एक दिन पहले पिछले एक दशक की सबसे प्रदूषित हवा में सांस ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार शनिवार, 7 नवंबर 2026 को शाम 4 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 369 रहा, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। दिवाली की पूर्व संध्या पर इससे ऊंचा स्तर आखिरी बार 2016 में दर्ज हुआ था, जब AQI 404 तक पहुंच गया था।

कई इलाकों में हवा 'गंभीर' श्रेणी में

शनिवार को आंकड़े भेजने वाले 59 निगरानी केंद्रों में से 16 पर हवा 'गंभीर' श्रेणी में और 29 पर 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। सबसे ज्यादा AQI आईआईटी दिल्ली के पास 452 रिकॉर्ड हुआ। शुक्रवार को शहर का औसत AQI 382 था। तेज हवा के कारण शनिवार को इसमें मामूली सुधार हुआ, लेकिन यह 400 की 'गंभीर' सीमा के करीब ही बना रहा।

हिंदुस्तान टाइम्स के विश्लेषण के मुताबिक शनिवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच पूरे शहर में PM2.5 का औसत स्तर 295 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। शाम को पटाखे चलाने का समय शुरू होते ही यह 7:45 बजे के 177 से बढ़कर रात 10 बजे तक 289 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया। रविवार सुबह 7 बजे शहर का AQI और बढ़कर 383 हो गया।

पिछले वर्षों से तुलना

CPCB के आंकड़े बताते हैं कि दिवाली से एक दिन पहले दिल्ली का AQI 2025 में 296, 2024 में 307, 2023 में 220, 2022 में 259 और 2021 में 314 था। यानी इस साल का स्तर हाल के सभी वर्षों से ऊपर है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने विशेषज्ञों के हवाले से लिखा है कि मौसम की स्थितियां ऐसी बनी हैं कि दिवाली के बाद का सोमवार कई वर्षों में सबसे प्रदूषित दिन हो सकता है।

दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली ने 8 और 9 नवंबर को हवा के 'गंभीर' श्रेणी में रहने का अनुमान जताया है। पटाखों के धुएं, वाहनों के उत्सर्जन, प्रतिकूल मौसम और पराली जलाने के चरम मौसम को इसकी मुख्य वजह बताया गया है। शनिवार को पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं इस सीजन के सबसे ऊंचे स्तर पर रहीं।

GRAP-3 की पाबंदियां लागू

हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार, 6 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया था। इसके तहत धूल पैदा करने वाले गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार दिवाली को देखते हुए दिल्ली के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और इमरजेंसी में अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं।

CPCB के पैमाने पर 0 से 50 तक का AQI 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'बहुत खराब' और 401 से 500 'गंभीर' माना जाता है। इस पैमाने पर दिल्ली के कई इलाके दिवाली से पहले ही सबसे ऊपरी श्रेणी में पहुंच चुके हैं।

स्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स, टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडिया टुडे (PTI), बिज़नेस स्टैंडर्ड, अमर उजाला

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InspectSpot Media संवाददाता