"हर जिला नक्सलवाद से मुक्त, यह पहली दिवाली"
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2026 की दिवाली विशेष है, क्योंकि यह पहली दिवाली है जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। सरकार ने 31 मार्च 2026 को देश को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया था। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी ने कहा कि 47 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब पिछले एक साल में CRPF के एक भी जवान को ड्यूटी के दौरान जान नहीं गंवानी पड़ी। उन्होंने इसे देश की सही नीतियों और दृढ़ इच्छाशक्ति की जीत बताया।
उन्होंने याद दिलाया कि एक समय करीब 20 राज्यों के 230 से ज्यादा जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। उनके मुताबिक, सरकार के फैसलों ने नक्सलियों और अलगाववादियों की फंडिंग पर चोट की, नकली नोटों का नेटवर्क तोड़ा और हथियारों की सप्लाई लाइन बंद की।
'दिमागी नक्सलियों' पर बयान
प्रधानमंत्री ने कहा कि हथियारबंद नक्सली जंगलों से गायब हो गए हैं, लेकिन खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'दिमागी नक्सलियों' ने कई संगठनों और राजनीतिक दलों में घुसपैठ कर ली है और वे लोगों को संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमें ऐसे तत्वों की पहचान करनी होगी, उन्हें परास्त करना होगा और देश को सुरक्षित करना होगा।"
विकास और गरीबी पर भी बोले
प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में 15,000 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें, 9,500 से अधिक मोबाइल टावर, करीब 175 एकलव्य स्कूल और लगभग 50 ITI बनाए गए। उन्होंने विश्व बैंक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में 50 करोड़ भारतीय भीषण गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने बस्तर ओलंपिक का जिक्र करते हुए कहा कि आज बस्तर में बच्चे बंदूक नहीं, खेल में हाथ आजमा रहे हैं।
कांग्रेस का पलटवार
प्रधानमंत्री के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पीटीआई के मुताबिक, पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री साफ तौर पर हताश और परेशान हैं और उनके "झोला उठाने" का समय करीब आ रहा है।
प्रधानमंत्री हर साल दिवाली सुरक्षाबलों के साथ मनाते रहे हैं। इससे पहले वे कारगिल, लेपचा, सर क्रीक और INS विक्रांत पर जवानों के साथ यह त्योहार मना चुके हैं।
स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय (pmindia.gov.in), पीटीआई, द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस
