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छत्तीसगढ़ राज्य के बजट में खुला किसानों के लिये पिटारा


चुनाव का समय कहें या किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट कहें| कुछ भी हो लेकिन यह बजट से किसानों का कहलायेगा| क्योंकि अब तक राज्य का सबसे बड़ा बजट विधान सभा में पेश किया गया है | हम बात कर रहें है छत्तीसगढ़ के जहां पर वित्त मंत्री भूपेश सिंह बघेल ने वर्ष 2019 – 20 का बजट पेश किया गया है जो वह पिछले वर्ष 83,096 करोड़ रुपया के मुकाबले 91,542 करोड़ रुपया है| यह बजट पिछले वर्ष का मुकाबले 10.1 प्रतिशत अधिक है

लेकिन किसान समाधान अपने पाठकों के लिए कृषि तथा किसानों के प्रति कटिबद्ध है इसलिए छत्तीसगढ़ की कृषि बजट की पूरी जानकारी दिया जा रहा है| वर्ष 2019 – 20 में छत्तीसगढ़ का कृषि बजट 21,597 करोड़ रुपया है जो पिछले वर्ष के मुकाबले डेढ़ गुना ज्यादा है| देश का संभवतः पहला राज्य है जो कृषि के लिए बजट का 21 प्रतिशत दिया है | एसे तो राष्ट्रीय स्तर पर कृषि क्षेत्र में वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत है जबकि छत्तीसगढ़ का वृद्धि दर 3.99 फीसदी है

Chhattisgarh State budget for farmers

बजट को एक – एक कर समझते हैं | जिसमें कृषि , पशुपालन-मछलीपालन, मुर्गी पालन, सिंचाई तथा ऊर्जा क्षेत्र कोहमें यह देखना होगा की सरकार ने पिछले वर्ष के मुकाबले राशी बढ़ाई है या कम किया है

कृषि क्षेत्र के लिए बजट में प्रावधान 

किसानों के सबसे बड़ा मांग यह है की फसल का लागत का 50 प्रतिशत मुनाफा दिया जाये| इसको लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के धान का मूल्य 25,00 रु./ किवंटल दे रही है| इसके लिए सरकार ने 5 हजार करोड़ रुपया का प्रावधान किया गया है | प्रदेश में 15 लाख धान उत्पादक किसान 85 लाख टन धान की विक्री करते है जिससे इस मूल्य वृद्धि से लाभ मिलेगा| ऐसा नहीं है की यह राशी केवल इसी वर्ष दिया गया है| बल्कि वर्ष 2018 – 19 के खरीफ खरीदी के लिए 10,597 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन राशी दिया गया था जो इस वर्ष बढ़कर 19733 करोड़ रुपया हो गया है | सरकार ने सोयाबीन तथा गन्ना किसानों का भी ध्यान रखा गया है | बल्कि धान तथा गन्ना फसलों के किसानों के लिए क्रमशः 10 करोड़ तथा 50 करोड़ रुपया रुपये का प्रावधान किया गया है | इसके अलावा समर्थन मूल्य पर दलहन तथा तिलहन की भी खरीदी के करने के लिए नवीन मद में 7 करोड़ 12 लाख का प्रावधान किया है | मक्का खरीदी के लिए राज्य सरकार ने 26 जिलों के 257 खरीदी केन्द्रों पर खरीदी सुनिश्चित किया है | किसानों की मक्का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी हो सके इसके लिए 1700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है | छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को पहले ही ग्रामीण बैंक एवं सहकारी बैंक 10,000 करोड़ रुपया का लोन माफ किया गया है | अब सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक का लोन माफ करने के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है | किसानों पर ऋण रहने के कारण दुबारा ऋण नहीं मिल पाता था | लेकिन कर्ज माफ़ी के बाद किसानों को दुबारा कर्ज मिलने लगेगा | इसलिए राज्य सरकार ने कृषि कर्ज के लिए 184 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है | जिससे किसानों को अल्प कालीन ऋण मिल सकेगा | केवल कृषि ऋण ही नहीं बल्कि सिंचाई ऋण भी है जिससे लगभग 15 लाख किसान प्रभावित है | इस लोन को माफ करने के लिए 207 करोड़ रुपया का प्रावधान किया गया है | वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू है| इस योजना में काफी मात्रा में भ्रष्टाचार की भी लगातार शिकायत आ रही है लेकिन केंद्र सरकार ने बिना किसी भी तरह के नियम में बदलाव किये बिना ही 1400 करोड़ रुपया जरी किया है| इसी तरह छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने किसानों को राज्य सरकार का प्रीमियम देने के लिए 316 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है| इसके अलावा राज्य सरकार ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन हेतु 205 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सामान्य एवं हरित क्रान्ति घटकों हेतु कुल 369 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है

पशुपालन तथा मुर्गी पालन के लिए 

पशुपालन के माध्यम से आय में वृद्धि हेतु डेयरी उद्यमिता विकास योजना के लिए 15 करोड़ 12 लाख रुपया दिया गया है | मुर्गी पालन यानी पौल्ट्री फार्म के लिए 21 करोड़ रुपया दिया गया है| बकरी पालन के लिए 4 करोड़ 34 लाख रुपये का प्रावधान किया है | इसके साथ ही सूअर पालन के लिए 4 करोड़ 49 लाख के बजट का प्रावधान किया है|  

सिंचाई

एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है| प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 74 करोड़ रुपये तथा माईक्रो सिंचाई योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है| सबसे बड़ी घोषणा यह किया गया है की 5 एचपी तक के कृषि पम्पों को निशुल्क विधुत दिया जायेगा| इसके लिए राज्य सरकार ने 2,164 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है| नया पम्पों तक बिजली पहुँचाने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है | कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का विकास तेजी से हो रहा है | इसके लिए राज्य सरकार भरी छूट देती है| वर्ष 2019 – 20 में किसानों को सब्सिडी के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है| कुल मिलाकर छोटे सिचाई योजना के लिए 2 हजार 995 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है| लघु सिंचाई योजना के लिए 1,93 करोड़ रुपया तथा मध्यम सिंचाई योजना के लिए 106 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है|

कुल मिलाकर देखा जाए तो यह बजट किसानों के लिए पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है| इस लिए किसानों को ज्यादा फायदा होने वाला है| सबसे बड़ी बात यह है की किसानों का लोन माफ़ ही हुआ है| जिससे वह दुबारा लोन प्राप्त कर सकते है| किसानों के लिए एक और राहत की बात है की सिंचाई ऋण माफ़ कर दिया गया है इसके साथ ही 5 एच.पी. के बिजली बिल नहीं लगेगा|

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